बदलाव क्यों?

 

मैं डिस्पोज़ेबल पैड्स का उपयोग करती हूँ। ये विश्वसनीय उत्पाद बेचने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बनाये जाते हैं। 

मगर ऐसे तथ्य हैं जो मैं नहीं जानती थी । मैं अब उनके बारे में पता लगा रही हूँ और वे सबसे ज़्यादा दुःखदायी हैं। 

  • हर डिस्पोज़ेबल पैड्स ४ प्लास्टिक बैग्स के बराबर होता है। मैं कभी कल्पना भी नहीं कर सकती थी कि केवल एक पैड में इतना अधिक प्लास्टिक होता है।

  • मैं अपने पूरे जीवन के मासिक धर्म में १०,००० से १५,००० पैड्स या ४०,००० से ६०,००० बैग्स के बराबर प्लास्टिक का उपयोग कर फेंक दूँगी।

  • यह प्लास्टिक पर्यावरण को आने वाले सैकड़ों वर्षों तक दूषित करता रहेगा। यदि मैं उपयोग किये हुए पैड्स को जला दूँ (इंसीनरेटर या खुले में) तो इनमें से हानिकारक फ़्यूरन्स और डायॉक्सिन्स निकलेंगे। 

  • डायॉक्सिन्स ना सिर्फ पैड्स के जलने पर निकलते हैं बल्कि वे कुछ मात्रा में सभी पैड्स में मौजूद होते हैं जो पैड्स के ब्लीचिंग प्रक्रिया से गुज़रने के कारण आते हैं।

  • डायॉक्सिन्स एंडोक्राइन्स में गड़बड़ी पैदा करते हैं और मुझे कई तरह से नुक़सान पहुँचा सकते हैं।

  • योनि की त्वचा बहुत भेद्य होती है (जिसमें आसानी से प्रवेश किया जा सकता है या जिसे आसानी से भेद दिया जा सकता है) और जो भी उस त्वचा के लगातार संपर्क में होता है वह खून के प्रवाह में पहुँचता है।

  • यदि मैं डिस्पोज़ेबल पैड्स का उपयोग जारी रखूँ तो मैं सालाना लगभग रु. २,००० और पूरे जीवन में शायद रु. ७५,००० से ज़्यादा उस उत्पाद पर खर्च करुँगी जो मेरे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है, न ही हमारी पृथ्वी के लिए।

 

 

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